रंगो की उमंग होली,
उमंगों का रंग
होली !
सदभावनाओ का राग
होली ,
सकारतमकता का रास
होली !
आत्मीयता से
सराबोर टोली,
स्नेह सिक्त सबकी
बोली !
माधुर्य से भरी
सबकी झोली,
प्रतिष्ठा हो
सबकी रोली!
फाग की धूम होली ,
कान्हा की तान
होली !
गोपियों का गान
होली,
प्रहलाद की भक्ति
होली!
मिल जुल खेलें होली
मिल जुल गाये
होली!
मंजुल मंगलमय हो
होली ,
सुमधुर स्मृति हो
होली !
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रंग फुहारों से हर ओर
भींग रहा है घर आगंन
फागुन के ठंडे बयार से
थिरक रहा हर मानव मन !
लाल गुलाबी नीली पीली
खुशियाँ रंगों जैसे छायीं
ढोल मजीरे की तानों पर
बजे उमंगों की शहनाई !
गुझिया पापड़ पकवानों के
घर घर में लगते मेले
खाते गाते धूम मचाते
मन में खुशियों के फूल खिले !
रंग बिरंगी दुनिया में
हर कोई लगता एक समान
भेदभाव को दूर भागता
रंगों का यह मंगलगान !
पिचकारी के बौछारों से
चारो ओर छाई उमंग
खुशियों के सागर में डूबी
दुनिया में फैली प्रेम तरंग !